Pankaj ki phikar:- जीवन में चाहे कितने भी दुःख मिले इंसान को खुशियों की आस नहीं छोड़नी चाहिए । हम सभी के ऊपर निर्भर करता है कि हमें कैसा जीवन जीना है चाहे कुछ भी हो जाय हंसते मुस्कुराते रहना चाहिए, हंसने मुस्कुराने से जीवन सरल हो जाता है । खुद भी हंसिए दूसरों को भी हंसाए हम आपके साथ हैं तो चलिए हंसने हंसाने के सिलसिले को शुरू करते हैं
विदेश का एक दोस्त भारत घूमने आया तो नरेश उसे घुमाने ले गया। क़ुतुब मीनार के पास पहुंच कर नरेश का दोस्त उससे बोला।
😐दोस्त:- ये क़ुतुब मीनार कितने दिन में बना है ?
🙂नरेश:- एक महीने में।
🙂दोस्त:- ये हमारे मुल्क में तो 2 हफ्ते में बन जाता है। थोडा आगे जाने के बाद दोस्त ने फिर नरेश से पूछा।
😐दोस्त:- ये लाल किला कितने दिन में बना है?
🙂नरेश:- सिर्फ दो हफ्ते में।
🙂दोस्त:- हमारे मुल्क में तो 3 दिनों में बन जाता है। जब वे दोनों ताज महल के पास से गुज़रे तो दोस्त ने संता से फिर पूछा।
🙂दोस्त:- ये ताज-महल कितने दिन में बना है ?
🤔नरेश:- मैं खुद हैरान हूँ की कब बना, कल शाम को तो नहीं था।
एक आदमी समुंदर के किनारे घुम रहा था तभी वहां दिनेश भी आ जाता है दोनों ने समुंदर के किनारे एक बोर्ड देखा जिसपे लिखा था : " डूबते को बचाने वाले को 1000 रूपये का इनाम "
🤔आदमी :- मैं समुंदर में कूद जाता हूँ , तुम मुझे बचाना , इस तरह 1000 रूपये मिलेंगे , हम आधा - आधा बांट लेंगे ! ये कह कर आदमी ने जंप लगा दी !! दिनेश खामोशी से देख रहा था !
😯आदमी ने चिल्ला कर कहा :- "मुझे तैरना नहीं आता , तुम मुझे बचाते क्यों नहीं ??"
🤨दिनेश :- तुम ने बोर्ड के नीचे नहीं पढ़ा ! नीचे लिखा था :- "लाश निकालने वाले को 5000 रूपये का इनाम " 🥵आदमी शॉक ...
😒पंकज :- यार मेरे बाल बहुत गिर रहे हैं !
🌝दोस्त :- वो क्यूं ?
😔पंकज :- फिक्र से !
🙂दोस्त :- कौन सी फिक्र है तुझे ?
😒पंकज :- बाल गिरने की फिक्र !!
🥵दोस्त बेहोश !!


